यादें
रात के दो बजे थे, और मैं कॉफ़ी बना रहा था कॉफ़ी लेकर जैसे ही मैं अपनी बालकनी में आया तभी मेरा फ़ोन बजा मैंने देखा “चारू” मैंने कुछ सोचते हुए फ़ोन उठाया पर उसने फ़ोन काट दिया मैं अपनी कॉफ़ी के साथ बालकनी के दुसरे हिस्से में चला गया जहाँ पर कुर्सी रखी हुई थी मैं कुर्सी पर बैठा तभी लाइट आ गयी पीली रौशनी और मुझे लगा मैं जैसे विंग्स के अँधेरे से निकलकर अपने मंच पर आ गया हूँ और अब मुझे नाटक खेलना है……तभी “चारू” का फ़ोन फिर आया मैंने फ़ोन उठाया उधर से आवाज़ आई “कबीर आज गाना नहीं सुनाओगे” और मैं हलकी मुस्कान के साथ कॉफ़ी पीते हुए मैंने पुछा कौन सा सुनोगी उसने कहा “बड़े अच्छे लगते हो ये धरती ये नदियां ये रैना” तभी मैंने अपनी सिगरेट जलाई और उससे पुछा “और” उसने कहा “और तुम” मैं मुस्कुराया और गाना शुरू किया और गाते गाते मैंने महसूस किया की उस विंग्स के अँधेरे से चारू निकलकर उस रौशनी में आ गयी है जहाँ पर मैं गाना गा रहा हूँ…… वो मेरे सामने है अब… और उसके चेहरे पर हलकी मद्धिम रौशनी पड़ रही है उसका चेहरा आज भी उतना ही खूबसूरत लग रहा है उसने लाइट ब्लू कलर की साड़ी और गोल फ्रेम वाला चश्मा लगा रखा है मैंने उसके गाल को छुआ और उसको गले लगते हुए उसके कान में मैंने धीरे से उससे कहा “चारू….. तुम बहुत सुन्दर हो” वो धीरे से मुस्कुराई और बोली “कबीर……..तुम पागल हो” मैंने सिगरेट का एक कश लिया और मेरा गाना ख़तम हो गया था….सिगरेट भी……चारू मेरे पास नहीं थी….. मेरी आँखें नम हो गयी थी…. वो तो बहुत दूर जा चुकी है …….उस पीली रौशनी के नीचे आँखों में आंसूं लिए सिर्फ मैं था….. और चारू की कुछ यादें……तभी मैंने दूसरी सिगरेट जलाई और एक गहरा कश लिया ……"चारू आज फिर तुम बहुत याद आई”…………तभी किसी ने लाइट धीरे से बंद कर दी….मेरी बेटी ही होगी उसे पता है पापा आज भी अक्सर रातों को मम्मी को याद करते हैं…..और वो लाइट बंद करके वो सोने चली जाती है…..

I also miss charu
ReplyDeleteशुक्रिया🌸
DeleteI miss u charu..
ReplyDeleteबहुत ख़ूब
ReplyDeleteबहुत शुक्रिया 🌸
DeleteWahhh, kyaa baat
ReplyDeleteधन्यवाद🌸
DeleteKyaa baat🙌🏻
ReplyDeleteबहुत प्यारा♥️♥️👌🏻👌🏻
ReplyDeleteधन्यवाद🌸
Deleteबहुत शुक्रिया🌸
ReplyDeleteबेटियां अल्लाह की नेमत होती है .....😢😢😢
ReplyDelete🌸
Delete🌺🌺💖💖
ReplyDeleteThank you for this love ♥️
DeleteLovely yeeee
ReplyDeleteबहुत शुक्रिया दोस्त 🌸🌸
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